Sunday, 8 January 2023

भ्रष्टाचार पर वार

 

*सिर्फ एलोपैथी पर वार कर घिर गए बाबा रामदेव, बापू आशारामजी ने तो हरेक तंत्र पर किया था वार*

*बाबा रामदेव ने सिर्फ एलोपैथी के विरुद्ध आवाज उठाया तो इनके ऊपर इल्जाम(कुछेक फ़ोटो संलग्न) लगने का सिलसिला शुरू हो गया। जरा सोचे कि जिस महापुरुष ने विदेशी षड्यंत्र के हर एक पहलू पर (चाहे वह राजतंत्र हो या मीडिया तंत्र, धर्मान्तरण हो या बाजारीकरण) वार किया हो उनको इल्जामों की कितनी कड़िया झेलनी पड़ रही होगी*

*संत श्री आशारामजी बापू ने अपने संकल्प शक्ति से जिन लोगो पर वार किया उसके मुख्य-मुख्य बिंदु* 👇🏻

🏹 *राजतंत्र पर वार* 👇🏻

👉🏻जब *बाबा रामदेव* पर *दिल्ली रामलीला मैदान* में *वार* हुआ और उन्हें *साड़ी* पहन कर *भागना* पड़ा तब एकमात्र पूज्य श्री बापूजी ही थे जिन्होंने अपने *मंच* से कहा *सोनिया मैडम भारत छोड़ो*

👉🏻 *जयेंद्र सरस्वती* पर *आरोप* लगना व *पूज्य श्री बापूजी* के द्वारा *सरकार* को खुली *चुनौती* देते हुए *दिल्ली* में *धरना प्रदर्शन* करना

👉🏻जब किसी को भी *प्रज्ञा ठाकुर* से *जेल* में मिलने नही दिया जा रहा था तब *डंके की चोट* पर जेल में जाकर *मिलना* व उनका *पूर्ण समर्थन करना*

👉🏻पांच साल - पन्द्रह साल जिनको *कुर्सियां* संभालना हो सम्भाल लो। उसके बाद *मेरे बच्चे राज* करेंगे।

*नॉट* : राजतंत्र वालो ने फिर राजनीतिक षड्यंत्र किया

🏹 *मीडिया तंत्र पर वार* 👇🏻

👉🏻 *मीडिया चैनलों* द्वारा *पूज्य श्री बापूजी* से *लाखो करोड़ो* की *विज्ञापन मांगना* किंतु फिर भी *विज्ञापन न देना*

👉🏻 *आज तक चैनल* वालो ने *मांगे* थे *100 करोड़* किंतु मिला *एक चवन्नी* भी नही

👉🏻 *मेरे खिलाफ* जिसको जो कुछ *लिखना* हो लिख लो। *पांच वर्ष लिखो या दस वर्ष लिखो*। जितना लिखना है लिखो किंतु ये *दिमाग* से *निकाल* देना कि *मैं 25-50 हजार की पैकेट भेजूँगा।* मैं अपने *अपयश* को रोकने के लिए *1 पैसा भी भेजने वाला नही हूँ।* मेरे पास जो भी है *गरीबो* के लिए है। *समाज* के लिए है।

*नॉट* : अंतोगत्वा विदेशो से करोड़ो की फंडिंग प्राप्त कर मीडिया तंत्र ने भी रचा षड्यंत्र और फैलाया झूठ

🏹 *धर्मान्तरण पर वार* 👇🏻

👉🏻 *ईसाई मिशनरियों* द्वारा *गरीब आदिवासी इलाको* में हिंदुओं का *धर्मान्तरण* होना व *पूज्य श्री बापूजी* द्वारा *हिन्दू धर्म* में *पुनः परिवर्तन करना*

🏹 *बाजारीकरण पर वार* 👇🏻

👉🏻 *तथाकथित अंग्रेजी नववर्ष हो या क्रिसमस डे हो, वेलेंटाइन डे हो रोज-प्रपोज डे हो या कोई और कुरीतियाँ हो। इन कुरूतियों के आड़ में होता है अरबो-खरबो का बाजारीकरण व संस्कृतिहनन के कार्य*

👉🏻 *पूज्य श्री बापूजी ने इनपर भी किया वार। वेलंटाइन डे को मातृ पितृ पूजन के रूप में, क्रिसमस डे को तुलसी पूजन के रूप में, अंग्रेजी नववर्ष को विश्वगुरु भारत अभियान के रूप में परिवर्तीत कर बाजारीकरण पर कुठाराघात किया*

👉🏻 *व्यसन मुक्ति अभियान के द्वारा करोड़ो लोगो को निर्व्यसन बनाया*

👉🏻 *ऋषि प्रसाद पत्रिका को जन जन तक पहुंचा कर तथा गाँव-गाँव, शहर शहर में जाकर आयुर्वेद का प्रचार किया। स्वस्थ रहो - सुखी रहो - सम्मानित रहो का संदेश देते हुए सत्संगों के द्वारा हरेक बीमारियों का घरेलू आयुर्वेद उपचार बताया व स्वयं भी वर्तमान समय तक आयुर्वेद का ही सहारा लिया*

👉🏻 *बाल संस्कार केंद्र के द्वारा देश के कर्णधारो को सुंस्कारित किया। देश भर में लगभग 17000 निःशुल्क बाल संस्कार केंद्र चलते है।*

👉🏻 *महिला उत्थान मंडल के द्वारा महिला सशक्तिकरण किया। महिलाओ को आत्मनिर्भर बनाया।*

👉🏻 *युवा सेवा संघ का निर्माण कर युवाओं को सुदृढ़ किया। युवाधन सुरक्षा की प्रतियां करोड़ो युवाओं तक पहुंचाया।*

👉🏻 *योग वेदांत सेवा समिति का गठन कर देश ही नही विश्व मे भी भारतीय संस्कृति का संदेश जन जन तक पहुंचाया। आज भी ये समितियाँ पूज्य श्री बापूजी के संकेतानुसार सेवा कार्य में पूर्ववत लगें हुए है। देश भर में लगभग 1200 समितियाँ है।*

👉🏻 *अपने सत्संगों के द्वारा देश-दुनिया में योग का भी प्रचार-प्रसार करना*

🙏🏻 *सेवा कार्य तो और भी बहुत है। पूज्य श्री बापूजी के द्वारा समस्त मानव समाज हेतु किये गए उपकारों को पूर्ण रूप से गिन पाना असंभव है।* 🙏🏻

🤔 *देश-संस्कृति हित में इतने सारे सेवाकार्यो को करते हुए आज भी पूज्य श्री बापूजी कष्ट झेल रहे है। कष्ट झेलते हुए इन्होंने कभी भी किसी से कोई फरियाद नही किया। बस अपने संकल्प शक्ति से आज भी मौन पूर्वक राक्षप्रवृति वाले दानवो से लोहा ले रहे है। वैश्विक स्तर पर अकेले युद्ध लड़ रहे है।*

🙏🏻 *जरा सोचिते ऐसे महापुरुष पर कितना जुल्म ढाया जा रहा होगा?*🤔

*कई लोगो को प्रश्न होता है कि बापूजी के विरुद्ध सारे मीडिया वाले एक साथ क्यो बोलते है? उत्तर इतना ही होगा कि जो जितना अधिक कुप्रवृतियो से लोहा लेगा वो उतना ही प्रताड़ित होगा।*

*पूज्य श्री बापूजी पर कई बार हत्या का प्रयास भी किया गया है। चाहे वह हेलीकॉप्टर कांड ही क्यो न हो।*

*हिन्दुओ, जागो ! अभी नही जागे तो कभी भी नही जाग पाओगे। न ये नेता काम आएगा तुम्हारा और न ही ये मीडिया न्यायतंत्र आदि। सब विदेशी फंडे सञ्चालित है। अपनी लड़ाई तुम्हे खुद लड़नी होगी। अतः एक हो जाओ संगठित हो जाओ*

🙏🏻 

Saturday, 24 December 2022

जीवन में प्रार्थना का महत्व

2️⃣5️⃣❗1️⃣2️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣2️⃣

*प्रेरणादय प्रसंग*


*जंगल में शेर शेरनी शिकार के लिये दूर तक गये अपने बच्चों को अकेला छोडकर।*


*जब देर तक नही लौटे तो बच्चे भूख से छटपटाने लगे।*


*उसी समय एक बकरी आई उसे दया आई और उन बच्चों को दूध पिलाया फिर बच्चे मस्ती करने लगे।*


*तभी शेर शेरनी आये. बकरी को देख लाल पीले होकर शेर हमला करता।*


*उससे पहले बच्चों ने कहा इसने हमें दूध पिलाकर बड़ा उपकार किया है नही तो हम मर जाते।*


*अब शेर खुश हुआ और कृतज्ञता के भाव से बोला हम तुम्हारा उपकार कभी नही भूलेंगे, जाओ आजादी के साथ जंगल मे घूमो फिरो मौज करो।*


*अब बकरी जंगल में निर्भयता के साथ रहने लगी यहाँ तक कि शेर के पीठ पर बैठकर भी कभी कभी पेडो के पत्ते खाती थी।*


*यह दृश्य चील ने देखा तो हैरानी से बकरी को पूछा तब उसे पता चला कि उपकार का कितना महत्व है।*


*चील ने यह सोचकर कि एक प्रयोग मैं भी करती हूँ।*

*चूहों के छोटे छोटे बच्चे दलदल मे फंसे थे निकलने का प्रयास करते पर कोशिश बेकार।*


*चील ने उनको पकड पकड कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।*


*बच्चे भीगे थे सर्दी से कांप रहे थे तब चील ने अपने पंखों में छुपाया, बच्चों को बेहद राहत मिली।*


*काफी समय बाद चील उडकर जाने लगी तो हैरान हो उठी चूहों के बच्चों ने उसके पंख कुतर डाले थे।*


*चील ने यह घटना बकरी को सुनाई तुमने भी उपकार किया और मैंने भी फिर यह फल अलग क्यों?*


*बकरी हंसी फिर गंभीरता से कहा....*

*उपकार करो, तो शेरों पर करो चूहों पर नही।*


*क्योंकि कायर कभी उपकार को याद नही रखते और बहादुर कभी उपकार नही भूलते...!!!*


*(बहुत ही गहरी बात है, समझो तो ठीक)*


*🙏नोट : कुछ चूहों पर प्रयोग मैंने भी किया था,अब सीख गया हूं..!!*🙏

   *🙏🏿🙏🏾🙏🏻जय जय श्री राधे*🙏🙏🏼🙏🏽

*एक वृद्ध महिला एक सब्जी की दुकान पर जाती है,उसके पास सब्जी खरीदने के पैसे नहीं होते है।*


*वो दुकानदार से प्रार्थना करती है कि उसे सब्जी उधार दे दे पर दुकानदार मना कर देता है।*


*उसके बार-बार आग्रह करने पर दुकानदार खीज कर कहता है, तुम्हारे पास कुछ ऐसा है , जिसकी कोई कीमत हो , तो उसे इस तराजू पर रख दो, मैं उसके वज़न के बराबर सब्जी तुम्हे दे दूंगा।*


*वृद्ध महिला कुछ देर सोच में पड़ जाती है।*

*क्योंकि उसके पास ऐसा कुछ भी नहीं था।*


*कुछ देर सोचने के बाद वह, एक मुड़ा-तुड़ा कागज़ का टुकड़ा निकलती है और उस पर कुछ लिख कर तराजू पर रख देती है।*


*दुकानदार ये देख कर हंसने लगता है।*

*फिर भी वह थोड़ी सब्जी उठाकर तराजू पर रखता है।*

*आश्चर्य...!!!*

*कागज़ वाला पलड़ा नीचे रहता है और सब्जी वाला ऊपर उठ जाता है।*


*इस तरह वो और सब्जी रखता जाता है पर कागज़ वाला पलड़ा नीचे नहीं होता।*


*तंग आकर दुकानदार उस कागज़ को उठा कर पढता है और हैरान रह जाता है *


*🌹🌹 कागज़ पर लिखा था...''हे श्री कृष्ण, तुम सर्वज्ञ हो, अब सब कुछ तुम्हारे हाथ में है''..


*दुकानदार को अपनी आँखों पर यकीन नहीं हो रहा था।*


*वो उतनी सब्जी वृद्ध महिला को दे देता है।*


*पास खड़ा एक अन्य ग्राहक दुकानदार को समझाता है, कि दोस्त, आश्चर्य मत करो।*


*केवल श्री कृष्ण ही जानते हैं की प्रार्थना का क्या मोल होता है।*


*वास्तव में प्रार्थना में बहुत शक्ति होती है।*

*चाहे वो एक घंटे की हो या एक मिनट की।*

*यदि सच्चे मन से की जाये, तो ईश्वर अवश्य सहायता करते हैं..!!* 


*अक्सर लोगों के पास ये बहाना होता है, की हमारे पास वक्त नहीं।*


*मगर सच तो ये है कि ईश्वर को याद करने का कोई समय नहीं होता...!!* 


*🌹🌹प्रार्थना के द्वारा मन के विकार दूर होते हैं, और एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।*


*🌹🌹जीवन की कठिनाइयों का सामना करने का बल मिलता है।*


*🌹🌹ज़रूरी नहीं की कुछ मांगने के लिए ही प्रार्थना की जाये।*


*🌹🌹जो आपके पास है उसका धन्यवाद करना चाहिए।*


*🌹🌹इससे आपके अन्दर का अहम् नष्ट होगा और एक कहीं अधिक समर्थ व्यक्तित्व का निर्माण होगा।*


*🌹🌹प्रार्थना करते समय मन को ईर्ष्या,द्वेष,क्रोध घृणा जैसे विकारों से मुक्त रखें..!!*

   *🙏🙏🏻🙏🏾जय जय श्री राधे*🙏🏿🙏🏽🙏🏼

Saturday, 19 November 2022

जीवन का बोझ


*जीवन का बोझ*

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एक बार एक संत ने अपने दो भक्तों को बुलाया और कहा आप को यहाँ से पचास कोस जाना है। एक भक्त को एक बोरी खाने के समान से भर कर दी और कहा जो लायक मिले उसे देते जाना। और एक को ख़ाली बोरी दी उससे कहा रास्ते मे जो उसे अच्छा मिले उसे बोरी मे भर कर ले जाए।


दोनो निकल पड़े जिसके कंधे पर समान था वो धीरे चल पा रहा था। ख़ाली बोरी वाला भक्त आराम से जा रहा था। थोड़ी दूर उसको एक सोने की ईंट मिली उसने उसे बोरी मे डाल लिया। थोड़ी दूर चला फिर ईंट मिली उसे भी उठा लिया। जैसे जैसे चलता गया उसे सोना मिलता गया और वो बोरी मे भरता हुआ चल रहा था।

और बोरी का वज़न। बड़ता गया उसका चलना मुश्किल होता गया और साँस भी चढ़ने लग गई। एक एक क़दम मुश्किल होता गया।


दूसरा भक्त जैसे जैसे चलता गया रास्ते मै जो भी मिलता उसको बोरी मे से खाने का कुछ समान देता गया धीरे धीरे बोरी का वज़न कम होता गया। और उसका चलना आसान होता गया। जो बाँटता गया उसका मंज़िल तक पहुँचना आसान होता गया। जो ईकठा करता रहा वो रास्ते मे ही दम तोड़ गया।


दिल से सोचना हमने जीवन मे क्या बाँटा और क्या इकट्ठा किया हम मंज़िल तक कैसे पहुँच पाएँगे।


जिन्दगी का कडवा सच...


आप को 60 साल की उम्र के बाद

     कोई यह नहीं पूछेंगा कि आप का

     बैंक बैलेन्स कितना है या आप के

     पास कितनी गाड़ियाँ हैं....?


दो ही प्रश्न पूछे जाएंगे ...


     1-आप का स्वास्थ्य कैसा है.....?

         और

     2-आप के बच्चे क्या करते हैं....?

   *🙏🏻🙏🏾🙏🏼जय जय श्री राधे*🙏🙏🏽🙏🏿

Saturday, 29 October 2022

लक्ष्मी प्राप्ति के उपाय

🌷 धन-सम्पत्ति के लिए क्या करें 🌷

🙏🏻 घर के अंदर, लक्ष्मी जी बैठी हों ऐसा फोटो रखना चाहिए और दुकान के अंदर, लक्ष्मी जी खड़ी हों ऐसा फोटो रखना चाहिए।

🙏🏻 ईशान कोण में तुलसी का पौधा लगाने से तथा पूजा के स्थान पर गंगाजल रखने से घर में लक्ष्मी की वृद्धि होती है।

🙏🏻 नौकरी-धंधे के लिए जाते हों और सफलता नहीं मिल पाती हो तो इक्कीस बार 'श्रीमद् भगवद् गीता' का अंतिम श्लोक बोलकर फिर घर से निकलें तो सफलता मिलेगी। श्लोकः

🌷 यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः।

तत्र श्रीर्विजयो भूतिर्ध्रुवा नीतिर्मतिर्मम।।

🙏🏻 पीपल के पेड़ में शनिवार और मंगलवार को दूध, पानी और गुड़ मिलाकर चढ़ायें और प्रार्थना करें कि 'भगवान! आपने गीता में कहा है 'वृक्षों मे पीपल मैं हूँ।' तो हमने आपके चरणों में अर्घ्य अर्पण किया है, इसे स्वीकार करें और मेरी नौकरी धंधे की जो समस्या है वह दूर हो जाय।'

🙏🏻 श्रीहरि.... श्रीहरि... श्रीहरि – ऐसा थोड़ी देर जप करें। तीन बार जपने से एक मंत्र हुआ। उत्तराभिमुख होकर इस मंत्र की 1-2 माला शांतिपूर्वक करें और चलते-फिरते भी इसका जप करें तो विशेष लाभ होगा और रोजी रोटी के साथ ही शांति, भक्ति और आनंद भी बढ़ेगा। बस, अपने-आप समस्या हल हो जायेगी।

🙏🏻 लक्ष्मी चाहने वाला मनुष्य भोजन और दूध को बिना ढके न रखे।

🌷 वास्तु शास्त्र 🌷

🏡 ऐसी चीजें न रखें पर्स में

देखने में आता है कि कुछ लोग पर्स में बहुत सी ऐसी चीजें रख लेते हैं, जिनका कोई उपयोग नहीं होता और लंबे समय तक पर्स में रखे रहने से उनमें नकारात्मक प्रभाव बढ़ जाता है। इसलिए जो भी कागजात या अन्य कोई चीज जो गैरजरूरी हो, उसे तुरंत अपने पर्स से निकाल दें।

🏡 पर्स में कभी भी कोई अश्लील चित्र या अन्य अश्लील सामग्री भी नहीं रखना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से पर्स की बरकत खत्म हो जाती है और जीवन में नकारात्मकता बढ़ने लगती है।

🌷 हृष्ट - पुष्ट शरीर🌷

🍚 जौ को पानी में भिगोकर, कूट के, छिलकारहित कर उसे दूध में खीर की भांति पकाकर सेवन करने से शरीर हृष्ट-पुष्ट और मोटापा कम होता है

Monday, 17 October 2022

स्वास्थ्य टिप्स

 बिना दवाई 

 बिना पैसे के स्वास्थ्य के कुछ लाजवाब नुस्खे

 रात्रि को देर से भोजन करते है न वो भी बीमार होते हैं। और भूख से जो ज्यादा खाते है तो  कच्चा रस बनता है,  कधों में पकड़ रहती है l कमर और कंधों में दर्द शुरू होना हुआ समझो बीमारी का रस तुम्हारा जमा होना शुरू हो रहा है।

Sunday, 19 June 2022

तुतलापन मिटाने के लिए

शंख दो प्रकार के होते हैं – दक्षिणावर्त एवं वामावर्त। दक्षिणावर्त शंख पुण्य योग से मिलता है। यह जिसके यहाँ होता है उसके यहाँ लक्ष्मी जी निवास करती हैं। यह त्रिदोषशामक, शुद्ध एवं नवनिधियों में से एक निधि है तथा ग्रह एवं गरीबी की पीड़ा, क्षय, विष, कृशता एवं नेत्ररोग का नाश करता है। जो शंख सफेद चन्द्रकान्तमणि जैसा होता है वह उत्तम माना जाता है। अशुद्ध शंख गुणकारी नहीं होते, उन्हें शुद्ध करके ही दवा के रूप में प्रयोग में लाया जाता है।*

*भारत के महान वैज्ञानिक श्री जगदीशचन्द्र बसु ने सिद्ध करके बताया है कि शंख को बजाने पर जहाँ तक उसकी ध्वनि पहुँचती वहाँ तक रोग उत्पन्न करने वाले कई प्रकार के हानिकारक जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। इसीलिए अनादिकाल से प्रातःकाल एवं संध्या के समय मंदिरों में शंख बजाने का रिवाज चला आ रहा है।*

*⚡औषधि-प्रयोगः*

*मात्राः अधोलिखित प्रत्येक रोग में 50 से 250 मि.ग्रा. शंखभस्म ले सकते हैं।*

*गूँगापनः गूँगे व्यक्ति के द्वारा प्रतिदिन 2-3 घंटे तक शंख बजवायें। एक बड़े शंख में 24 घंटे तक रखा हुआ पानी उसे प्रतिदिन पिलायें, छोटे शंखों की माला बनाकर उसके गले में पहनायें तथा 50 से 250 मि.ग्रा. शंखभस्म सुबह शाम शहद  साथ चटायें। इससे गूँगापन में आराम होता है।*

*तुतलापनः 1 से 2 ग्राम आँवले के चूर्ण में 50 से 250 मि.ग्रा. शंखभस्म मिलाकर सुबह शाम गाय के घी के साथ देने से तुतलेपन में लाभ होता है।*

*तेजपात (तमालपत्र) को जीभ के नीचे रखने से रूक रूककर बोलने अर्थात् तुतलेपन में लाभ होता है।*

*सोते समय दाल के दाने के बराबर फिटकरी का टुकड़ा मुँह में रखकर सोयें। ऐसा नित्य करने से तुतलापन ठीक हो जाता है।*

*दालचीनी चबाने व चूसने से भी तुतलापन में लाभ होता है।*

*दो बार बादाम प्रतिदिन रात को भिगोकर सुबह छील लो। उसमें 2 काली मिर्च, 1 इलायची मिलाकर, पीसकर 10 ग्राम मक्खन में मिलाकर लें। यह उपाय कुछ माह तक निरंतर करने से काफी लाभ होता है।*

 *तुतलापन मिटाने के लिए* 🌷

👉🏻 *२-३ बादाम के गिरी मिक्सी में अच्छी तरह घोट के और मक्खन व मिश्री मिलाकर बराबर चबा चबा कर खाएं l १ हफ्ते में तोतलेपन में आराम होता है l*

🙏🏻 *सुरेशानंदजी -

*तुतलाना दूर करने के लिए कुछ ओर आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे*


1.अच्युताय हरिओम आँवला चूर्ण 1 से 2 ग्राम चूर्ण को गाय के घी के साथ मिला कर चाटने से थोड़े ही दिनों में तुतलापन दूर हो जाता है ।


2. बारीक भुनी हुई फिटकिरी मुख  में रखकर सो जाया करें ।एक मास के निरंतर सेवन से तुतलापन दूर हो जाएगा


3.एक कटोरी में जल ले उसे निहारते हुए *ॐ सरस्वत्यै नमः* का 108 बार जप करे उस जल को सेवन करने से तुतलापन दूर होता है ।


4. 3  से 6 ग्राम घी में रोजाना मिश्री मिलाकर सुबह शाम चाटकर खायें और ऊपर से गाय का दूध पियें लगातार कुछ महीनों तक इसका सेवन करे से तुतलाना बंद हो जाता है।


 🌼

*🌹शिशु रोग🌹💫तुतलापनः💫*


*पहला प्रयोगः सूखे आँवले के 1 से 2 ग्राम चूर्ण को गाय के घी के साथ मिलाकर चाटने से थोड़े ही दिनों में तुतलापन दूर हो जाता है।*

*दूसरा प्रयोगः दो रत्ती शंखभस्म दिन में दो बार शहद के साथ चटायें तथा छोटा शंख गले में बाँधें एवं रात्रि को एक बड़े शंख में पानी भरकर सुबह वही पानी पिलायें।*

*तीसरा प्रयोगः बारीक भुनी हुई फिटकरी मुख में रखकर सो जाया करें। एक मास के निरन्तर सेवन से तुतलापन दूर हो जायेगा।*


*साथ में यह प्रयोग करवायें-* *अन्तःकुंभक करवाकर, होंठ बंद करके, सिर हिलाते हुए 'ॐ...' का गुंजन कंठ में ही करवाने से तुतलेपन में लाभ होता है।*


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Tuesday, 17 May 2022

सुख की खौज

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*सुख की खौज....*



एक व्यक्ति अपने गुरु के पास गया और बोला, गुरुदेव, दुख से छूटने का कोई उपाय बताइए... 


       गुरु ने कहा, बहूत आसान है, उस के लिए एक काम करो, जो आदमी सबसे सुखी है, उसके पहने हुए जूते लेकर आओ, फिर मैं तुझे दुख से छूटने का उपाय बता दूंगा... 


       शिष्य चला गया, एक आलिशान घर में जाकर पूछा, भाई, तुम तो बहुत सुखी लगते हो, अपने जूते सिर्फ आज के लिए मुझे दे दो, तब उसने कहा, कमाल करते हो भाई ! मेरा पड़ोसी इतना बदमाश है कि क्या कहूं ? ऐसी स्थिति में मैं सुखी कैसे रह सकता हूं ? मैं तो बहुत दुखी इंसान हूं... 


       वह दूसरे घर गया, दूसरा बोला, अब क्या कहूं भाई ? सुख की तो बात ही मत करो, मैं तो पत्नी की वजह से बहुत परेशान हूं, ऐसी जिंदगी बिताने से तो अच्छा है कि कहीं जाकर साधु बन जाऊं, सुखी आदमी देखना चाहते हो तो किसी और घर जाओ... 


       वह तीसरे घर गया, चौथे के  घर गया, किसी की पत्नी के पास गया तो वह पति को क्रूर बताती, पति के पास गया तो वह पत्नी को दोषी कहता, पिता के पास गया तो वह पुत्र को बदमाश बताता, पुत्र के पास गया तो पिता की वजह से खुद को दुखी बताता, सैकड़ों-हजारों घरों के चक्कर लगा आया, सुखी आदमी के जूते मिलना तो दूर खुद के ही जूते घिस गए... 


       शाम को वह गुरु के पास आया और बोला, मैं तो घूमते-घूमते परेशान हो गया, न तो कोई सुखी मिला और न सुखी आदमी के जूते... 

       

गुरु ने पूछा, लोग क्यों दुखी हैं ?

उन्हें किस बात का दुख है ?


       उसने कहा, किसी का पड़ोसी खराब है, कोई पत्नी से परेशान, कोई पति से दुखी तो कोई पुत्र से परेशान है, आज हर आदमी दूसरे आदमी के कारण दुख भोग रहा है... 


      तब गुरु ने बताया, सुख का सूत्र है दूसरे की ओर नहीं, बल्कि अपनी ओर देखना, खुद की काबिलियत पर गौर करो, प्रतिस्पर्द्धा करनी है तो खुद से करो, दूसरों से नहीं... 


      यह जीवन हमारी यात्रा है, दूसरों को देखकर अपना रास्ता मत बदलो, खुद को सुनो, खुद को देखो, यही सुखी होने का एक मात्र रास्ता है... 



*जय श्री राधेकृष्ण....*










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