Friday, 8 May 2026

बाबा वेंगा - एलियन की भविष्यवाणी

 रहस्यमय चैतसिक शक्ति रखने वाली भविष्यवेत्ता ।


दुनिया की प्रसिद्ध भविष्यवेत्ता व्यक्तियों में बाबा वंगा ( वेंगा ) का नाम अग्रगण्य है । बाबा वंगा ( वांगा ) बुल्गारिया की नेत्रहीन महिला थीं ।

The future is hidden in symbols, waiting for those who can see. ‘भविष्य प्रतीकों में छिपा हुआ है, वह उन लोगों की प्रतीक्षा करता है जो उसे देख सकते हैं ।’ – Nostradamus ( नोस्ट्राडेमस ) ।


‘I see what is coming, but I cannot change what people choose.’


‘मैं जो आने वाला है ( होने वाला है ) उसे देखती हूँ, पर मैं लोगों के निर्णय को बदल नहीं सकती ।’


My sight is a gift, not a power. I only relay what i see.


‘मेरी दृष्टि एक ( ईश्वर द्वारा दी गई ) भेंट है, शक्ति नहीं । मैं केवल वही बताती हूँ जो मैं देखती हूँ ।’


I do not predict to frighten, I predict to warn and help.


‘मैं किसी को डराने के लिए भविष्यवाणी नहीं करती, मैं उन्हें चेतावनी देने और सहायता करने के लिए भविष्यवाणी करती हूँ ।’


‘Those who ignore warnings often suffer the consequences.’


‘जो चेतावनियों को नजरअंदाज करते हैं, उन्हें प्रायः उसके परिणाम भुगतने पड़ते हैं ।’


Do not fear the future, fear ignorance and inaction.


‘भविष्य से मत डरो, अज्ञान और निष्क्रियता से डरो ।’


 


महर्षि पतंजलि के पातंजल योग सूत्र में एक सूत्र है – ‘परिणामत्रयसयंमात् अतीत अनागत ज्ञानम्, ( ३.१८ ) अर्थात तीन प्रकार के परिवर्तन पर संयम रखने से भूतकाल ( बीता हुआ समय ) और भविष्यकाल ( आने वाला समय ) का ज्ञान होता है । मानव मन अनंत शक्तियों का भंडार है । उसकी अगाध शक्तियों में से एक भविष्य ज्ञान से संबंधित है । कुछ लोगों में भविष्य ज्ञान की शक्ति जन्मजात होती है तो कुछ में दुर्घटनावश, अनायास, अचानक प्रकट हो जाती है, कुछ ध्यान-योग जैसी प्रक्रिया से ऐसी शक्ति विकसित कर लेते हैं ।


दुनिया की प्रसिद्ध भविष्यवेत्ता व्यक्तियों में बाबा वंगा ( वेंगा ) का नाम अग्रगण्य है । बाबा वंगा ( वांगा ) बुल्गारिया की नेत्रहीन महिला थीं जिन्हें ‘बाल्कन की नोस्ट्राडेमस’ कहा जाता है । उनका जन्म नाम वंगेलिया पांडेवा सुरचेवा (Vangeliya Pandeva Surcheva) था । बाद में वह विशेष रूप से वंगा दिमित्रोवा के रूप में जानी गईं । भविष्यवेत्ता होने के कारण आज लोग उन्हें विशेष रूप से बाबा वंगा (वेंगा) के नाम से जानते हैं । ३ अक्टूबर १९११ को ओटोमन साम्राज्य (वर्तमान में उत्तरी मैसेडोनिया) के सैलानिका प्रांत के स्ट्रूमिका में उनका जन्म हुआ था । ११ अगस्त १९९६ को ८५ वर्ष की आयु में सोफिया, बुल्गारिया में उनका निधन हुआ था । वह रहस्यवादी, चिकित्सक, उपचारक और भविष्यवेत्ता थीं ।


‘स्टोयानोवा’ के अनुसार जब वह १३ वर्ष की थीं तब एक चक्रवाती तूफान में हवा में उठकर पास के खेत में जा गिरी थीं । उनकी आंखें रेत, धूल और पत्थरों से ढक गई थीं । दर्द के कारण वह आंखें खोल नहीं पा रही थीं । उनकी आंखों को नुकसान हुआ था । उन पर दो ऑपरेशन किए गए लेकिन वे सफल नहीं हुए । तीसरा ऑपरेशन पूरा नहीं हो सका क्योंकि उनके पिता के पास उसके लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे । इसके परिणामस्वरूप उनकी दृष्टि धीरे-धीरे कम होती गई और अंततः वह पूरी तरह अंधी हो गईं लेकिन उसके बाद उनमें ऐसी दिव्य शक्ति प्रकट हुई जिससे उन्हें भविष्य की घटनाएं आंतरिक दृष्टि से दिखाई देने लगीं और उसके आधार पर वह भविष्यवाणी करती थीं जो अधिकांशतः सही सिद्ध होती थीं ।


बचपन में एक दिन उन्होंने अपनी बहन से कहा – मुझे अत्यंत दुख होता है कि हमारे पिता से हमारा वियोग होने वाला है । वे कुछ ही दिनों के मेहमान हैं । मुझे उनका मृत्यु दिखाई दे रही है । उन्होंने अपने पिता की मृत्यु की तारीख भी बताई । किसी ने उनकी बात पर विश्वास नहीं किया । लेकिन उन्होंने जो तारीख बताई थी उसी दिन उनका निधन हो गया । एक दिन उन्होंने अपनी बहन से कहा – ‘दूसरे देश का एक युवा और सुंदर सैनिक हमारे यहाँ आएगा और कुछ समय बाद मेरा विवाह उसी के साथ होगा । पेट्रिय के पास स्थित क्रांसझिलित्सा गाँव का बुल्गारियाई सैनिक गुश्तेरोव अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए हत्यारे का पता लगाने वंगा के पास आया था । १० मई १९४२ को दिमितार गुश्तेरोव ने वंगा से विवाह कर लिया था । वंगा को अपने पति की आयु कम होने का भी आभास हो गया था । उन्होंने इसके बारे में लिखा था – ‘मेरे पति युवा हैं फिर भी १ अप्रैल १९६२ को उनका निधन होगा । वास्तव में ऐसा ही हुआ । बीमारी और शराब की लत के कारण उसी दिन उनका निधन हो गया ।


१९६० के दशक में पेट्रिय नगरपालिका और इंस्टिट्यूट ऑफ सजेस्टोलॉजी ने वंगा की चैतसिक शक्तियों और भविष्यवाणियों का समर्थन किया था । वंगा पर १९७० की पुस्तक ‘साइकिक डिस्कवरीज बिहाइंड आयरन कर्टन’ में चर्चा की गई थी । बुल्गारियन कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्यों ने भी उनकी सलाह ली थी । सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव लियोनिद ब्रेझनेव ने भी उनकी सलाह ली थी । बुल्गारिया के जार बोरिस तृतीय ने भी उनसे मिलकर भविष्य जानने का प्रयास किया था ।


भविष्यवेत्ता के रूप में उनकी ख्याति चारों ओर फैल गई थी । उनके घर के बाहर असंख्य लोगों की भविष्य जानने के लिए लंबी कतारें लगती थीं । बुल्गारियाई लोगों से वह मात्र पाँच डॉलर शुल्क लेती थीं और विदेश से आए लोगों से लगभग तीस डॉलर लेती थीं । वह सारा धन देश के विकास और कल्याणकारी योजनाओं के लिए सरकार को दे देती थीं और अपनी थोड़ी बहुत आवश्यकताओं के लिए सरकार से केवल लगभग ३०० डॉलर लेती थीं ।


वंगा दिमित्रोवा की अनेक भविष्यवाणियाँ बिल्कुल सत्य सिद्ध हुई हैं । उनके पिता, पति और स्वयं के निधन की जो तिथियाँ उन्होंने बताई थीं उन्हीं तिथियों पर उनका निधन हुआ था । उन्होंने १९८० में भविष्यवाणी की थी कि २००० में रूसी न्यूक्लियर सबमरीन कुर्स्क डूब जाएगी । अंतरराष्ट्रीय बचाव कर्मियों ने कई दिनों तक उस सबमरीन को समुद्र की गहराई से निकालने के प्रयास किए लेकिन वे असफल रहे और उसमें मौजूद लोगों की मृत्यु हो गई ।


११ सितंबर २००१ को न्यूयॉर्क के ट्विन टावर पर आतंकी हमला होने की भविष्यवाणी उन्होंने १९८९ में ही कर दी थी जो सत्य सिद्ध हुई । ट्विन टावर पर दो अपहृत विमानों से हमला कर निर्दोष लोगों की हत्या की गई थी । अमेरिका के ४४वें राष्ट्रपति अफ्रीकी-अमेरिकी होंगे यह भी उन्होंने कहा था और बराक ओबामा उसी प्रकार राष्ट्रपति बने । उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत कब होगी और उसका क्या परिणाम होगा इसकी भी भविष्यवाणी की थी । बुल्गारिया के राजा जार बोरिस-३ की मृत्यु की तिथि भी उन्होंने सही बताई थी । इसी प्रकार उन्होंने चेकोस्लोवाकिया के विभाजन, लेबनान में अशांति, निकारागुआ में युद्ध, साइप्रस में विवाद, इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री बनने और उनकी हत्या, सोवियत संघ के विघटन, यूगोस्लाविया के टूटने, पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी के एकीकरण, चेरनोबिल की परमाणु दुर्घटना, स्टालिन की मृत्यु, सीरिया के गृह युद्ध, क्रीमिया के अलग होने जैसी घटनाओं की भी सही भविष्यवाणियाँ की थीं । २००४ में हिंद महासागर में आई सुनामी की भविष्यवाणी भी उन्होंने १९५० में ही कर दी थी । वंगा दिमित्रोवा ने अपनी भविष्यवाणी में प्रिंसेस डायना की मृत्यु का भी उल्लेख किया था । २०१९/२० में फैली कोरोना महामारी के बारे में भी उन्होंने संकेत दिए थे । न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार वंगा ने २०२६ में तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत और मानव जाति का परग्रही जीवों ( Aliens ) से पहला संपर्क होने की भविष्यवाणी की थी ।


उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था – ‘Humanity will make contact with extraterrestrial life, possibly leading to a global crisis or apocalypse. मानवता का संपर्क परग्रही जीवनधारियों से होगा जिससे संभवतः वैश्विक संकट या प्रलय उत्पन्न हो सकता है । २०२६ में कुछ देशों के बीच युद्ध होने की भी भविष्यवाणी की गई थी । वंगा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( AI ) के उपयोग में वृद्धि के बारे में भी भविष्यवाणी की थी ।