*20 दिसम्बर रविवारी सप्तमी (दोपहर 2-54 से 21 दिसम्बर सूर्योदय तक)*
*रविवार सप्तमी के दिन अगर कोई नमक मिर्च बिना का भोजन करे और सूर्य भगवान की पूजा करे , तो उस घातक बीमारियाँ दूर हो सकती हैं , अगर बीमार व्यक्ति न कर सकता हो तो कोई ओर बीमार व्यक्ति के लिए यह व्रत करे । इस दिन सूर्यदेव की पूजा करनी चाहिये ।*
*सूर्य पूजन विधि*
*१) सूर्य भगवान को तिल के तेल का दिया जला कर दिखाएँ , आरती करें ।*
*२) जल में थोड़े चावल ,शक्कर , गुड , लाल फूल या लाल कुमकुम मिला कर सूर्य भगवान को अर्घ्य दें ।*
*सूर्य अर्घ्य मंत्र*
*1. ॐ मित्राय नमः।*
*2. ॐ रवये नमः।*
*3. ॐ सूर्याय नमः।*
*4. ॐ भानवे नमः।*
*5. ॐ खगाय नमः।*
*6. ॐ पूष्णे नमः।*
*7. ॐ हिरण्यगर्भाय नमः।*
*8. ॐ मरीचये नमः।*
*9. ॐ आदित्याय नमः।*
*10. ॐ सवित्रे नमः।*
*11. ॐ अकीय नमः।*
*12. ॐ भास्कराय नमः।*
*13. ॐ श्रीसवितृ-सूर्यनारायणाय नमः।*
*(शिव पुराण, विद्येश्वर संहिताः अध्याय 10)*
*घातक बीमारियाँ दूर करने के लिए :*
*>> रविवार सप्तमी के दिन बिना नमक का भोजन करें ।*
*> सूर्य भगवान का पूजन करें, अर्घ दें व भोग दिखाएँ, दान करें ।*
*तिल के तेल का दिया सूर्य भगवान को दिखाएँ व ये मंत्र बोलें :-*
*"जपा कुसुम संकाशं काश्य पेयम महा द्युतिम ।*
*तमो अरिम सर्व पापघ्नं प्रणतोस्मी दिवाकर ।।"*
*विशेष - घर में कोई बीमार रहता हो या घातक बीमारी हो तो परिवार का सदस्य ये विधि करें तो बीमारी दूर होगी ।*
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